भटगांव में महिला एवं बाल विकास विभाग का महिला जागृति शिविर सम्पन्न…
बिलाईगढ़ : महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय भटगांव द्वारा नगर के वार्ड नंबर 5 में महिला जागृति शिविर का आयोजन किया गया जिसमें नगर के उपाध्यक्ष प्रदीप देवांगन, जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एफ आर निराला एवं नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति के साथ नगर के विभिन्न वार्डों के महिलाओं ने भाग लिया। शिविर में विभाग के द्वारा गोदभराई एवं अन्नप्राशन के कार्यक्रम भी आयोजित थी।
मुख्य रूप से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एफ आर निराला के द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाओं को जागृत करना जरूरी है, एक महिला जागृत होती है, जागरूक होती है तो इसका प्रभाव न केवल उसके परिवार में पड़ता है बल्कि संपूर्ण समाज में इसका प्रभाव पड़ता है। महिलाओं को जागरूक करना,महिलाओं को सशक्त बनाने की शुरुआत है।
सशक्त महिला मजबूत महिला होने के लिए स्वस्थ शरीर का होना जरूरी होती है अर्थात एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। सभी महिलाओं को स्वस्थ रहना होगा। यदि परिवार में घर की महिला बीमार होती है तब इसका असर पूरे परिवार, समाज एवं देश पर इसका असर होता है। यदि स्वस्थ है तो भारत का निर्माण करना है तब हर घर के हर महिला को स्वस्थ बनाना होगा और स्वस्थ बनाने के लिए प्रत्येक महिलाओं की जांच जरूरी है। जांच करने पर ही पता चलेगा कि कितने स्वस्थ है। इसके लिए प्रत्येक महिलाओं को अपनी खून की जांच करा कर पता लगाना होगा कि उसमें हीमोग्लोबिन या खून की मात्रा कितनी है।
अगर महिला एनीमिक या रक्त अल्पता से जूझती रही होगी तब इसका दुष्प्रभाव परिवार पर पड़ता है।इस कारण प्रत्येक महिला को संतुलित आहार पर ध्यान देना होगा अगर इनकी आहार संतुलित हो जिसमे पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन सूक्ष्म लवण के साथ पर्याप्त पानी की मात्रा को नियमित रूप से मिले तब ऐसे शरीर में बीमारी होने की संभावनाएं कम होती है। इसी तरह प्रत्येक महिला जिनकी उम्र 30 वर्ष के ऊपर है। उन सभी की ब्लड प्रेशर की जांच,शुगर की जांच और कैंसर की जांच करना जरूरी होता है।
आज के सिविलाइज्ड जिंदगी में स्वस्थ जीवन शैली को भूलते जा रहे है, जिसके परिणाम स्वरूप महिलाओं को बीपी, शुगर की बीमारी दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रही है। इस कारण प्रत्येक लोगों को अपनी जीवन शैली में बदलाव करना जरूरी है, जिसमें नमक की सेवन कम करना,चीनी या शक्कर की सेवन कम करना ,अच्छी नीद लेना , पैदल चलना ,योग करना ,मेडिटेशन करना जरूरी हो गया है। यदि हमारी जिंदगी में स्ट्रेस स्ट्रेन बढ़ते जाएगा तब भी इसका प्रभाव शरीर में पड़ता है।
आज समाज में बीड़ी, तंबाखू , गुड़ाखू , खैनी , गुटखा , सिगरेट आदि की सेवन करने से उसके शरीर में दुष्प्रभाव पड़ता है और यही असंक्रामक रोगों को जन्म देता है, जिसमें बीपी का बढ़ना, शुगर का बढ़ना होता तथा अनियंत्रित खान पान रहन सहन के कारण कैंसर जिसमे मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर तथा सर्वाइकल कैंसर होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। उपस्थित सभी महिलाओं को असंक्रामक रोगों से बचने के लिए स्वस्थ जीवन शैली की अपनाना होगा। शरीर में असंक्रामक रोग के लक्षण है कि नहीं इसको जानने के लिए अपने पास आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जाकर बीपी, शुगर और कैंसर की जांच कराना जरूरी है। इस कार्यक्रम में सीडीपीओ विजय सरल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता चंद्रकला जायसवाल उपस्थित रहे।








