पवनी : जनदर्शन में उमड़ा मां का दर्द…प्राचार्य पर प्रताड़ना का आरोप लगा रो पड़ी बुजुर्ग महिला…
16 दिन बाद भी जांच रिपोर्ट ‘लापता’, DEO की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल…

बिलाईगढ़ : नगर पंचायत पवनी में आयोजित सुशासन तिहार में उस वक्त भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जब ग्राम पवनी की एक बुजुर्ग महिला शकुंतला पाण्डेय न्याय की आस लेकर अधिकारियों के चौखट पर पहुंची। बुजुर्ग महिला ने कोरबा जिले के पाली स्कूल के प्राचार्य मनोज सराफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए वहां पदस्थ अपने पुत्र को मानसिक प्रताड़ना से बचाने की गुहार लगाई है।
नियम विरुद्ध काम के लिए दबाव का आरोप : शकुंतला पाण्डेय ने जनदर्शन में बताया कि प्राचार्य मनोज सराफ उनके पुत्र पर लगातार नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए अनुचित दबाव बना रहे हैं। महिला का आरोप है कि प्राचार्य की कार्यप्रणाली और लगातार दी जा रही मानसिक प्रताड़ना के कारण उनका बेटा गहरे तनाव (डिप्रेशन) का शिकार हो रहा है।
जांच समिति की कछुआ चाल : मामले में प्रशासनिक सुस्ती भी उजागर हुई है। पीड़ित महिला के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कोरबा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 16 दिन पहले एक जांच समिति का गठन किया था। लेकिन विडंबना यह है कि दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट अब तक ठंडे बस्ते में है, जिससे दोषी पर कार्रवाई रुकी हुई है।
बुढ़ापे का सहारा छीनने की कोशिश : बुजुर्ग महिला ने प्रशासन से भावुक अपील करते हुए कहा—”मैं वृद्ध हूं और मुझे सेवा की जरूरत है। प्राचार्य मेरे बेटे को मानसिक रूप से तोड़ रहे हैं। मेरी मांग है कि मेरे बेटे का स्थानांतरण मेरे निवास के पास किया जाए ताकि बुढ़ापे में वह मेरे साथ रहकर मेरी देखभाल कर सके और इस प्रताड़ना से मुक्त हो सके।”
प्रशासनिक दखल की मांग : जनदर्शन में पहुंचे अन्य लोगों ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मां की पुकार पर प्राचार्य के विरुद्ध क्या कड़ा कदम उठाता है और लंबित जांच रिपोर्ट कब तक सामने आती है।








